चित चोर इस फिल्म के उसी गाने से प्रेरित।
मुखड़ा:
जब दीप जले आना,
जब शाम ढले आना,
संकेत मिलन का भूल न जाना,
मेरा प्यार न बिसराना।
जब दीप जले आना,
जब शाम ढले आना,
संकेत मिलन का भूल न जाना,
मेरा प्यार न बिसराना।
अंतरा १:
वो चाँद फ़लक पर तेरी राह ताक रहा,
चाँदनी उसी की है, फिर क्यों तुम्हें देख रहा?
छत पर आकर न देना तुम उसे रुप का नजराना।
मुखड़ा (दोहराव):
जब दीप जले आना,
जब शाम ढले आना,
संकेत मिलन का भूल न जाना,
मेरा प्यार न बिसराना।
अंतरा २:
तेरी ही आँखों में छुपे हैं मेरे सपने सारे,
हर शाम याद आते हैं बिते पल हमारे।
यादों से दिल अब भरता नहीं,
तुम ही मिलने आना।
मुखड़ा (दोहराव):
जब दीप जले आना,
जब शाम ढले आना,
संकेत मिलन का भूल न जाना,
मेरा प्यार न बिसराना।
अंतरा ३:
इन हवाओं में महके तेरी ही खुशबू,
हर तरफ़ मुझे बस तेरी ही जूस्तजू।
तुम बिन दिल कहीं लगता नहीं,
बहलाने दिल को मेरे तुम आना।
मुखड़ा (दोहराव):
जब दीप जले आना,
जब शाम ढले आना,
संकेत मिलन का भूल न जाना,
मेरा प्यार न बिसराना।
गुरुवार, १२/३/२६ , ९:५० PM
अजय सरदेसाई -मेघ

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