1️ मतला / पहला शेर
दिल की शमा जला कर दर्द को राह दिखाओ,
आँखों में आँसू कम हैं, मुझे समंदर दिखाओ।।
2️ दूसरा शेर
वक़्त मरहम है दुनिया में हर ज़ख्म का,
जो वक्त न भर सका वो ज़ख्म दिखाओ।।
3️ तीसरा शेर
इस दुनिया में आए और गए बहुत सिकंदर,
जो वक्त से जित पाया हो वो सिकंदर दिखाओ।।
4️ चौथा शेर
आफताब, माहताब सब देख लिया, सब पुराने हो गये,
ग़ज़ल में ढालने को अब कुछ नया तश्वीर दिखाओ।।
5️ मकता
मेघ, जो आँखों से परे हो, न वो जहां दिखाओ।
दिल की सदा पहुँचती है जिस दिल तक, बस वही दिल दिखाओ।।
मंगलवार, १३/१/२६ , ०६:१५ PM
अजय सरदेसाई -मेघ
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