तेरी हर साँस में बसा, बचपन है मेरा,
फिर भी दिल की धड़कन में, चाहत है कुछ और,
आय लव्ह यू मॉं, बट आय लव्ह समवन मोर...
तेरी ममता का ऋण, मैं भूलूँगा ना कभी,
तेरे आँचल की छाँव, मिलेगी ना फिर कभी,
फिर भी दिल की एक धड़कन, किसी और की ओर,
आय लव्ह यू मॉं, बट आय लव्ह समवन मोर...
तुमने चलना सिखाया, उँगली थाम के मुझे,
हर गिरने पे उठाया, सीने से लगा के मुझे,
आज वो ही हाथ थामे, खड़ा है कोई और,
आय लव्ह यू मॉं, बट आय लव्ह समवन मोर...
तेरा प्यार है सागर, उसका प्यार किनारा,
तूने जीवन सँवारा, उसने जीवन पुकारा,
तुझसे मिली है दुनिया, उससे मिला है दिल का छोर,
आय लव्ह यू मॉं, बट आय लव्ह समवन मोर...
मॉं, तेरी जगह दिल में, कोई ले ना सके,
उसकी जगह भी कोई, फिर ले ना सके,
दोनों प्यार हैं मेरे, दोनों का अलग है छोर,
आय लव्ह यू मॉं, बट आय लव्ह समवन मोर...
शनिवार, ८/८/२६ , ९:२५ AM
अजय सरदेसाई -मेघ

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