Saturday, 14 March 2026

तमन्ना भी रख


 

ख़ुदा के हाथ में मत सौंप सारे कामों को,
बदलते वक़्त पर कुछ अपना इख़्तियार भी रख।

बंदिशें बहुत आएँगी ज़िन्दगी में तो क्या,
उन्हें तोड़कर आगे बढ़ने का हौसला भी रख।

सिर्फ़ चेहरों से न तौल लोगों की नियत,
उन्हें पहचानने की अपनी सियासत भी रख।

रास्ते में आएँगे कई पहाड़ लेकिन,
उन्हें चीरकर आगे बढ़ने की ताक़त भी रख।

मंज़िल मिलेगी कभी न कभी, कहीं न कहीं,
मंज़िल तक पहुँचने की दिल में तमन्ना भी रख।

शनिवार, १४/३/२०२६ — ६:२० PM
अजय सरदेसाई ‘मेघ’
(Nida Fazli से प्रेरित)

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